क़सम तुम को मेरे सर की
मेरे पहलू से ना सरक
ोअगर सरको तो यूँ सरक
ोक़लम कर दो मेरे सर क
ोमज़ा उल्फत का तो तब है
ना हम सरकें ना तुम सरको
ख़सम तुम को मेरे सर केए
मेरे पहलोओ से ना सरको
आगर सरको तो योओं सरको
ख़लम कर दो मेरे सर को
मज़ा ऊल्फ़त का तो तब है
ना हम सरके^ न तुम सरको
विकस फारच हुशार मुलगा अहे.